![]() |
| chai-peene-ke-nuksan-aur-fayde-bataiye. |
दिन में कितनी चाय पीना सही है ?
चाय में कैफीन पाया जाता है, इसलिए इसकी मात्रा उम्र, स्वास्थ्य और शरीर की जरूरत के अनुसार तय करनी चाहिए। किशोरों और युवाओं को कैफीन वाली चाय सीमित मात्रा में लेना बेहतर है। स्वस्थ वयस्क भी दिनभर में कई कप चाय पीने के बजाय इसकी मात्रा नियंत्रित रखें। खासकर तेज चाय का 'बार-बार सेवन करने से बचना चाहिए।
ज्यादा चाय पीने से क्या हो सकता है?
बहुत अधिक चाय पीने से शरीर में कैफीन की मात्रा बढ़ सकती है। इससे नींद प्रभावित होने, सिरदर्द, बेचैनी, घबराहट और पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। अगर आपको बिना किसी स्पष्ट कारण के नींद कम आने लगी है या बार-बार बेचैनी महसूस होती है, तो. दिनभर में पी जाने वाली चाय की मात्रा पर जरूर ध्यान दें।
क्या खाली पेट चाय पीना ठीक है?
खाली पेट चाय पीने से कुछ लोगों को एसिडिटी, गैस या पेट में जलन की समस्या हो सकती है इसलिए जिन लोगों को पहले से पेट संबंधी परेशानी रहती है, उन्हें खाली पेट चाय पीने से बचना चाहिए। वहीं, भोजन के तुरंत बाद चाय पीने से उसमें मौजूद कुछ यौगिकों के कारण शरीर में आयरन के अवशोषण पर असर पड़ सकता है। इसलिए भोजन और चाय के बीच थोड़ा अंतर रखना बेहतर है।
गर्भावस्था में चाय को लेकर रहें सावधान गर्भावस्था के दौरान कैफीन के सेवन को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। इस दौरान दिनभर में ली जाने वाली कुल कैफीन की मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है। सिर्फ चाय ही नहीं, बल्कि कॉफी, ग्रीन टी, चॉकलेट और अन्य कैफीन युक्त पेय भी इसमें शामिल होते हैं। इसलिए गर्भवती महिलाओं को अपने कुल कैफीन सेवन का ध्यान रखना चाहिए और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
चाय में चीनी की मात्रा पर भी दें ध्यान
चाय में डाली जाने वाली चीनी की मात्रा भी महत्वपूर्ण है। दिन में कई कप चाय और हर कप में ज्यादा चीनी लेने से कुल शर्करा का सेवन काफी बढ़ सकता है। इसलिए चाय को धीरे-धीरे कम मीठा पीने की आदत "डालना बेहतर है। चाहें तो बिना चीनी या बहुत कम चीनी वाली चाय का विकल्प चुन सकते हैं।
बहुत गर्म चाय पीने से बचें
चाय को बहुत गर्म पीने की आदत भी ठीक नहीं मानी जाती। कप में चाय डालते ही पीने के बजाय उसे थोड़ा ठंडा होने दें। बहुत गर्म पेय पदार्थ नियमित रूप से पीने से मुंह और गले को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए चाय का तापमान इतना रखें कि उसे आराम से पिया जा सके।
चाय बनाने का तरीका भी महत्वपूर्ण है
बहुत ज्यादा देर तक चाय की पत्ती उबालने से चाय का स्वाद और उसकी तीव्रता बदल जाती है। बहुत तेज और कड़क चाय कुछ लोगों में पेट संबंधी परेशानी बढ़ा सकती है। इसलिए अपनी सहनशीलता के अनुसार हल्की चाय पीना बेहतर विकल्प हो सकता है।



Thankyou