
उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई तरह के बदलाव आना स्वाभाविक है। मांसपेशियों की ताकत और लचीलापन धीरे-धीरे कम होने लगता है, जोड पहले की तरह आसानी से नहीं मुडते और शरीर में रक्त संचार की गति भी प्रभावित हो सकती है।
ऐसे में शरीर की देखभाल के लिए मसाज थैरेपी यानी मालिश एक उपयोगी विकल्प हो सकती है। सदियों से मालिश का इस्तेमाल शरीर को आराम देने और तनाव कम करने के लिए किया जाता रहा है।
दर्द और जकड़न में राहत
बढ़ती उम्र में मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द तथा जकड़न आम समस्या है। उचित तरीके से की गई हल्की मालिश मांसपेशियों के तनाव को कम करने और शरीर को आराम देने में मदद कर सकती है। इससे हाथ पैरों और गर्दन जैसे हिस्सों में होने वाली जकड़न कुछ कम महसूस हो सकती है और शरीर की गतिविधियों में सहजता आ सकती है।
रक्त संचार के लिए भी उपयोगी
उम्र बढ़ने के साथ शारीरिक गतिविधि कम हो जाने पर रक्त संचार * भी प्रभावित हो सकता है। हल्की मालिश से शरीर के कुछ हिस्सों में रक्त प्रवाह को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है। इससे पैरों या अन्य हिस्सों में भारीपन और असहजता कम महसूस हो सकती है।
हालांकि, यदि किसी व्यक्ति को पैरों में लगातार सूजन, अचानक दर्द या त्वचा का रंग बदलने जैसी समस्या 'हो, तो मालिश कराने के बजाय पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
तनाव कम करने में मदद
सेहत का मतलब केवल शरीर का "स्वस्थ होना नहीं है। मन का शांत रहना भी उतना ही महत्वपूर्ण अकेलापन, स्वास्थ्य संबंधी चिताएं, नींद की समस्या या रोजमर्रा के तनाव *के कारण वरिष्ठ नागरिकों में बेचैनी और चिंता बढ़ सकती है। है।
मालिश के दौरान शरीर को आराम मिलता है और कुछ समय के लिए, व्यक्ति अपनी चिता से दूर हो सकता है। शांत वातावरण में की गई मसाज तनाव कम करने और मन को सुकून देने में मदद कर सकती है
नींद भी हो सकती है बेहतर
देने कई वरिष्ठ नागरिकों को रात में अच्छी नींद न आने की शिकायत रहती है। शरीर की जकड़न और तनाव भी इसके कारण हो सकते हैं। आराम। वाली मालिश शरीर और मन को शांत करने में मदद कर सकती है, जिससे कुछ लोगों को बेहतर नींद का अनुभव हो सकता है।
सोने से कुछ समय पहले हल्की और आरामदायक मालिश कई लोगों के लिए सुकून देने वाली दिनचर्या वन सकती है।
मूड पर भी पड़ सकता है सकारात्मक असर
जब शरीर में लगातार दर्द या असहजता रहती है, तो उसका असर मन पर भी पड़ता है। व्यक्ति चिड़चिड़ा या उदास महसूस कर सकता है और सामाजिक गतिविधियों से दूरी बनाने लगता है।
मालिश से मिलने वाला शारीरिक आराम और किसी व्यक्ति के साथ कुछ समय बिताने का अवसर मन को बेहतर महसूस कराने में मदद कर सकता है। नियमित रूप से आराम के लिए समय निकालना वरिष्ठ नागरिकों के समग्र मानसिक स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हो सकता है।
हर किसी के लिए एक जैसी नहीं
यह समझना जरूरी है कि उम्रदराज व्यक्ति के शरीर की जरूरतें अलग-अलग हो सकती हैं। यदि किसी वरिष्ठ नागरिक को गठिया, हृदय रोग, मधुमेह, हड्डियों की कमजोरी, त्वचा संबंधी समस्या या कोई अन्य पुरानी बीमारी है, तो मसाज शुरू करने से पहले डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
मालिश हमेशा प्रशिक्षित व्यक्ति से ही करवानी चाहिए और दर्द होने पर उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।


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