आजकल बचों को खाना खिलाने के लिए मोबाइल या टी वी का सहारा लेना आम हो गया है। शुरुआत में यह तरीका माता पिता के लिए आसान लगता है, लेकिन लंबे समय में स्क्रीन देखते हुए खाना खाने की आदत खानपान और लाइफस्टाइल को प्रभावित कर सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, मोबाइल देखने से सीधे कब्ज नहीं होती. लेकिन यह आदत पानी कम पीने, शारीरिक गतिविधि घटने और अनहैल्दी खानपान जैसी कब्ज के जोखिम बढ़ाने बाली आदतों को बढ़ावा दे सकती है।
क्या स्क्रीन देखते हुए खाने से कब्ज होती है ?
अब तक ऐसा कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि मोबाइल या टी. वी देखते हुए खाना खाने से सीधे कब्ज होती है। हालांकि, स्क्रीन के सामने खाने से बच्चे अपने भोजन और शरीर के संकेतों पर कम ध्यान दे सकते हैं। इससे उनकी खाने की आदतें प्रभावित हो सकती हैं।
पानी कम पीने से बढ़ सकता है जोखिम
कब्ज से बचने के लिए पर्याप्त पानी पीना जरूरी है। स्क्रीन में व्यस्त रहने पर बच्चे अक्सर पानी पीना भूल जाते हैं। शरीर में पानी की कमी होने पर मल सख्त हो सकता है, जिससे कब्ज की समस्या बढ़ सकती है।
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| बच्चों को मोबाइल देखते हुए खाना खिलाने की आदत उनके खानपान और lifestyle को प्रभावित कर सकती है। |
फिजिकल एक्टिविटी कम होना
मोबाइल, टी.वी या टैबलेट के सामने लंबे समय तक बैठे रहने से बच्चों की शारीरिक गतिविधि कम हो सकती है। नियमित खेलकूद और एक्टिविटी की कमी पाचन को प्रभावित कर सकती है और कब्ज समेत कई अन्य समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकती है।
फाइबर की कमी भी बड़ी वजह
बच्चों की डाइट में फाइबर की कमी कब्ज का एक सामान्य कारण हो सकती है। अगर बच्वा फल, हरी सब्जियां, दाल और साबुत अनाज की बजाय जंक फूड, पैकेज्ड स्नैक्स और प्रोसैस्ड फूड ज्यादा खाता है, तो उसकी डाइट में फाइबर कम हो सकता है।
माता-पिता क्या करें ?
बच्चे को स्क्रीन देखते हुए खाना खिलाने की आदत धीरे धीरे छुड़ाएं। परिवार के साथ बैठकर बिना मोबाइल के खाना खाने की आदत डालें। उसकी डाइट में फल, सब्जियां, दाल और साबुत अनाज जैसे फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करें। साथ हो. पर्याप्त पानी और रोजाना खेलकूद या अन्य शारीरिक गतिविधि के लिए प्रोत्साहित करें।



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