![]() |
| 'बारिश' में बच्चों को बचाएं बीमारियों से |
बारिश का मौसम जहां भीषण गर्मी से राहत देता है, वहीं इस दौरान डेंगू और मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।
बच्चों को इन बीमारियों से बचाना ज्यादा जरूरी है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अभी पूरी तरह विकसित नहीं होती और वे संक्रमण की चपेट में जल्दी आ सकते हैं।
बच्चों को मच्छरों के काटने से बचाएं
डेंगू और मलेरिया से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है बच्चों को मच्छरों के संपर्क से दूर रखना।
सुबह और शाम के समय मच्छर अधिक सक्रिय होते हैं, इसलिए इस दौरान बच्चों को पूरे बाजू के कपड़े पहनाएं ताकि उनका शरीर ज्यादा से ज्यादा ढका रहे।
अगर बच्चा बाहर खेलने जाता है, तो उसकी उम्र के अनुसार सुरक्षित मच्छर भगाने वाली क्रीम या पैच का इस्तेमाल किया जा सकता है। रात में सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें और घर के दरवाजों व खिड़कियों पर जाली लगवाएं, ताकि मच्छर अंदर प्रवेश न कर सकें।
खानपान पर दें विशेष ध्यान
बारिश के मौसम में बच्चों को हमेशा ताजा और स्वच्छ भोजन दें। खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों या लंबे समय से रखे हुए खाने से बचाएं, क्योंकि इससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
बच्चों के आहार में मौसमी फल, हरी सब्जियां, दालें, दूध और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करें। साथ ही उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के लिए प्रेरित करें। संतुलित आहार शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद करता है, जिससे बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
अगर बच्चे को तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी, आंखों के पीछे दर्द या शरीर पर लाल चकत्ते दिखाई 'दें, तो इसे सामान्य वायरल बुखार समझकर नजरअंदाज न करें।
ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी दवा न दें, क्योंकि गलत इलाज से समस्या गंभीर हो सकती है। यदि बुखार दो से तीन दिन तक लगातार बना रहे, तो डॉक्टर की सलाह से डेंगू या मलेरिया की जांच कराना जरूरी हो सकता है।



Thankyou