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| कैसे बचाएं नवजात बच्चे को 'वायरल इंफैक्शन' से ? |
छोटे बच्चों, खासकर नवजात की देखभाल में संक्रमण से बचाव को लेकर अतिरिक्त सावधानी जरूरी है। सर्दी-जुकाम, फ्लू और अन्य वायरल इंफैक्शन घर के किसी बीमार सदस्य से बच्चे तक पहुंच सकते हैं। इसलिए अगर घर में नवजात या एक साल से छोटा बच्चा है, तो इन बातों का ध्यान रखें।
घर में कोई बीमार हो तो बच्चे से दूरी रखें
अगर किसी सदस्य को सर्दी, खांसी, बुखार या वायरल इंफैक्शन है, तो उसे बच्चे के करीब जाने, गोद लेने या किस करने से बचना चाहिए। बच्चे की देखभाल करने से पहले साबुन और पानी से हाथ जरूर धोएं।
माता-पिता बीमार हों तो क्या करें ?
अगर मां या पिता की तबीयत खराब है और बच्चे की देखभाल करना जरूरी है, तो मार्क पहनना, हाथ साफ रखना और खांसते-छींकते समय मुंह-नाक ढकना संक्रमण का जोखिम कम करने में मदद कर सकता है। संभव हो तो किसी स्वस्थ व्यक्ति की मदद लें।
इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
नवजात में बीमारी के लक्षण हमेशा स्पष्ट नहीं होते। अगर बच्चा सामान्य से कम दूध पी रहा है, बहुत सुस्त है या सांस लेने में परेशानी हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
इन संकेतों पर तुरंत मेडिकल मदद लें :
* सांस लेने में परेशानी या बहुत तेज सांस चलना
* दूध पीने में परेशानी या फीडिंग कम होना
* असामान्य रूप से सुस्ती या कमजोरी
* होंठ या त्वचा का नीला पड़ना
* लगातार खांसी या हालत बिगड़ना
* नवजात को बुखार होना
खास ध्यान दें : 3 महीने से छोटे बच्चे का तापमान 38°C (100.4°F) या उससे अधिक हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
सर्दी-जुकाम होने पर खुद से दवा न दें
अगर बच्चे की नाक बह रही है, बंद है या हल्की खांसी है, तो उसकी फीडिंग और सामान्य व्यवहार * पर नजर रखें। नवजात या बहुत छोटे बच्चे को डॉक्टर की सलाह के बिना कफ सिरप, एंटीबायोटिक या कोई अन्य दवा न दें। सामान्य सर्दी अक्सर वायरल होती है, जिसमें एंटीबायोटिक्स असरदार नहीं होते।
साफ-सफाई और वैक्सीनेशन का ध्यान रखें बच्चे को छूने से पहले हाथ धोएं और उसके आसपास इस्तेमाल होने वाली चीजों को साफ रखें।



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