'नया साल' अच्छी आदतों को 'नई शुरुआत How to Start Stress Free in New Year
नया साल हमारे जीवन में एक नई शुरुआत का अवसर लेकर आता है। यह वह समय होता है जब हम बीते कल से सीख लेकर आने वाले कल को बेहतर बनाने का संकल्प करते हैं।
छोटे-छोटे सकारात्मक बदलाव, अगर पूरे साल अपनाए जाएं, तो हमारे व्यक्तित्व, सोच और समाज पर गहरा प्रभाव डाल सकते हैं। नए साल के पहले दिन कुछ अच्छी आदतों को अपनाने और नकारात्मक सोच को पीछे छोड़ने का संकल्प लेकर हम अपने जीवन को अधिक खुशहाल, संतुलित और सार्थक बना सकते हैं।
सबसे मीठा बोलिए
'ऐसी वाणी बोलिए मन का आपा खोए, औरन को शीतल करे, आपहुं शीतल होए।' संत कबीर दास जी के इस दोहे का अर्थ है कि हमें ऐसी वाणी बोलनी चाहिए जिससे किसी का भी मन कभी न दुखे, ऐसा करने से हम एक अच्छे समाज का निर्माण कर सकते हैं, खुद भी एक अच्छे इंसान बन सकते हैं। आप नए साल पर इस सोच को अपना सकते हैं और अपने जीवन को सकारात्मक दिशा में लेकर जा सकते हैं।
स्वास्थ्य को दें प्राथमिकता
अक्सर हम काम और जिम्मेदारियों में इतने उलझ जाते हैं कि अपने शरीर और मन की सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं। नए साल पर यह संकल्प लें कि हम नियमित व्यायाम करेंगे, संतुलित आहार लेंगे और पर्याप्त नींद लेंगे। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ विचार जन्म लेते हैं, इसलिए खुद का ख्याल रखना भी आत्मसम्मान का ही एक रूप है।
आत्मविश्वास बढ़ाएं
हर व्यक्ति को, चाहे वह औरत हो या मर्द, आत्मनिर्भर जरूर होना चाहिए। अक्सर लोग दूसरे की कही बातों से प्रभावित हो जाते हैं, जिससे उनके आत्मविश्वास को ठेस पहुंचती है। इस नए साल पर हम यह रेजोल्यूशन ले सकते हैं कि हम हमेशा अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनेंगे और खुद को मजबूत बनाएंगे।

गलत के खिलाफ उठाएं आवाज
कई बार अपने आसपास किसी व्यक्ति या समाज के किसी एक वर्ग के साथ अन्याय होता देख भी हम चुप रह जाते हैं, लेकिन एक अच्छे समाज के निर्माण के लिए हम सबको एकजुट होकर गलत के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से आवाज जरूर उठानी चाहिए।
'न' बोलना सीखें
हममें से बहुत लोग, न नहीं बोल पाते। कई बार वे ऐसी बहुत-सी बातों में भी अपनी हामी दे देते हैं, जो उन्हें मन से स्वीकार नहीं होतीं लेकिन हर इंसान को अपनी जिंदगी अपने अनुसार जीने का पूरा हक है, इसलिए बिना किसी से डरे अपने मन की सुनें और अपने जीवन को खल कर जिएं।
'न' स्वीकार करना सीखें
न बोलने के साथ-साथ हमें न स्वीकार करने की आदत भी डालनी चाहिए। कई बार हम उन लोगों की आलोचना करते हैं जो हमारी मांग और विचारों को स्वीकार नहीं करते लेकिन हमें यह सीखने की जरूरत है कि हर इंसान की विचारधारा हमसे अलग हो सकती है और विचारों में मतभेद होना सामान्य है।
न करें खुद की तुलना
कई बार हम खुद की तुलना दूसरों से कर डालते हैं और यह विचार करते हैं कि कौन हमसे अच्छा है या कौन बुरा है लेकिन हमें यह सीखने की जरूरत है है कि भगवान की दुनिया नायाब है और हर इंसान खुद में निराला है। किसी की भी तुलना किसी दूसरे से करना उचित नहीं। अपनी ताकतों को जानें और खुद को निखारने पर काम करें।
पर्यावरण से करें प्यार
आज की इस दुनिया की सबसे बड़ी समस्या है प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन। इन सबका दुष्प्रभाव हमारी प्रकृति पर पड़ता है। हम पौधे लगाना, जरूरत न होने पर लाइट्स बंद करना, पेपर का दोनों तरफ से उपयोग करना, रीसाइकिल्ड चीजों का उपयोग जैसी 'ईको फ्रैंडली' आदतें अपना सकते हैं। हमारी ये छोटी-छोटी कोशिशें भी पर्यावरण को दूषित होने से रोक सकती हैं।

बनें अंदर से खूबसूरत Look after yourself
आज की इस दुनिया में हम सबको, खास कर हमारी युवा पीढ़ी को, बाहरी खूबसूरती ही आकर्षित करती है लेकिन एक खूबसूरत इंसान की पहचान उसका चेहरा नहीं बल्कि उसका खूबसूरत दिल होता है। इस नए साल हम अपने बच्चों को और खुद को रंग-रूप की दीवार से परे, खूबसूरती की असल परिभाषा से रू-ब-रू करवा सकते हैं।
कृतज्ञता की आदत डालें Review your successes
हमारे जीवन में बहुत-सी ऐसी चीजें होती हैं, जिनके लिए हम आभारी हो सकते हैं, लेकिन हम अक्सर कमियों पर ही ध्यान देते हैं। हर दिन ईश्वर, परिवार, मित्रों और जीवन की छोटी-छोटी खुशियों के लिए धन्यवाद कहना सीखें। कृतज्ञता से मन शांत रहता है और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है।
सीखते रहने का संकल्प लें Set Intentions / Goals / Acquire new skills
नए साल में कोई नई कला, भाषा, किताब या हुनर सीखने का संकल्प लें। सीखने से न केवल ज्ञान बढ़ता है बल्कि आत्मविश्वास भी मजबूत होता है और जीवन में आगे बढने की प्रेरणा मिलती है। निरंतर सीखना हमें बेहतर इंसान बनाता है।
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