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फाइबरयुक्त फल और पर्याप्त तरल पदार्थ बच्चों के स्वस्थ पाचन में मदद कर सकते हैं। |
बच्चों को बचाएं 'कब्ज' से:
ये फल
और आदतें
बना सकती
हैं पेट
को स्वस्थ
बच्चों में कब्ज की
समस्या माता-पिता
के लिए
चिंता का
कारण बन
सकती है।
अगर बच्चा
पॉटी करते
समय जोर
लगाता है,
मल सख्त
या सूखा
होता है,
मलत्याग में
दर्द होता
है या
वह बार-बार पॉटी
रोकने की
कोशिश करता
है, तो
ये कब्ज
के संकेत
हो सकते
हैं। बच्चों
में कब्ज
आम है
और इसके
पीछे कम
फाइबर वाला
भोजन, पर्याप्त
तरल पदार्थ
न लेना
और पॉटी
रोकने की
आदत जैसे
कई कारण
हो सकते
हैं। (HealthyChildren.org)
हल्की कब्ज
की स्थिति
में बच्चे
के खानपान
और रोजमर्रा
की आदतों
में बदलाव
मददगार हो
सकते हैं।
खासतौर पर
फल, सब्जियां,
दालें और
साबुत अनाज
जैसे फाइबरयुक्त
खाद्य पदार्थ
बच्चे की
डाइट का
हिस्सा बनाए
जा सकते
हैं। साथ
ही, बच्चे
को पर्याप्त
तरल पदार्थ
देना भी
जरूरी है,
क्योंकि फाइबर
बेहतर तरीके
से काम
करने के
लिए पर्याप्त
पानी की
जरूरत रखता
है। (NIDDK)
बच्चों में कब्ज क्यों होती
है?
कब्ज होने
पर मल
बड़ी आंत
में ज्यादा
समय तक
रह सकता
है, जिससे
शरीर उसमें
से अधिक
पानी सोख
लेता है
और मल
कठोर व
सूखा हो
सकता है।
कुछ बच्चे
दर्द के
डर से
पॉटी रोकने
लगते हैं।
इससे कब्ज
का चक्र
और बढ़
सकता है।
पॉटी ट्रेनिंग
के दौरान
भी कुछ
बच्चों में
यह समस्या
देखने को
मिलती है।
(NIDDK)
बच्चों में कब्ज के कुछ
सामान्य कारण
हो सकते
हैं:
·
डाइट में फाइबर
की कमी
·
पर्याप्त
पानी या
तरल पदार्थ
न लेना
·
फल और सब्जियां
कम खाना
·
पॉटी को बार-बार रोकना
·
पॉटी ट्रेनिंग के
दौरान तनाव
या दबाव
·
शारीरिक गतिविधि की
कमी
·
कुछ दवाओं या
स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का प्रभाव
इसलिए केवल
किसी एक
फल को
कब्ज का
इलाज मानने
के बजाय
बच्चे की
पूरी डाइट
और दिनचर्या
पर ध्यान
देना जरूरी
है।
कब्ज से
राहत के
लिए पपीता
कितना उपयोगी
है?
पपीता बच्चों के
लिए फल
और फाइबर
का एक
अच्छा स्रोत
हो सकता
है। फाइबरयुक्त
भोजन सामान्य
रूप से
मल को
बेहतर तरीके
से आगे
बढ़ाने और
नियमित bowel habits को सपोर्ट
करने में
मदद कर
सकता है।
(HealthyChildren.org)
अगर बच्चा
पहले से
पपीता खाता
है और
उसे इससे
कोई एलर्जी
या परेशानी
नहीं होती,
तो उम्र
के अनुसार
उचित मात्रा
में पका
हुआ पपीता
संतुलित डाइट
का हिस्सा
बनाया जा
सकता है।
हालांकि, यह कहना सही नहीं
होगा कि
पपीता हर
बच्चे की
कब्ज को
निश्चित रूप
से ठीक
कर देगा।
अगर कब्ज
लगातार बनी
हुई है
या बच्चे
को दर्द
हो रहा
है, तो
बाल रोग
विशेषज्ञ से
सलाह लेना
बेहतर है।
नाशपाती: फाइबर और प्राकृतिक सोर्बिटोल
का स्रोत
नाशपाती भी बच्चों
की डाइट
में शामिल
किया जा
सकने वाला
फाइबरयुक्त फल है। नाशपाती और
कुछ अन्य
फलों में
प्राकृतिक रूप से sorbitol पाया जाता
है। कुछ
चिकित्सा स्रोतों
के अनुसार,
sorbitol युक्त फल जैसे नाशपाती, सेब,
आलूबुखारा और prunes कब्ज में मदद
कर सकते
हैं क्योंकि
sorbitol आंत में पानी बनाए रखने
में मदद
कर सकता
है। (Cambridge University
Hospitals)
छोटे बच्चों
को नाशपाती
देते समय
फल को
अच्छी तरह
धोकर और
बच्चे की
उम्र के
अनुसार उचित
आकार में
काटकर देना
चाहिए। बहुत
छोटे बच्चों
के लिए
choking risk को ध्यान में रखना जरूरी
है।
कब्ज में
कीवी भी
हो सकता
है उपयोगी
कीवी में
फाइबर पाया
जाता है
और इसे
बच्चों की
संतुलित डाइट
में शामिल
किया जा
सकता है।
फाइबरयुक्त फल कब्ज से बचाव
में मदद
कर सकते
हैं। कुछ
clinical dietary guidance में कीवी को
कठोर मल
और कब्ज
से जुड़े
लक्षणों में
उपयोगी बताया
गया है।
(Cambridge University
Hospitals)
हालांकि, हर बच्चा अलग होता
है। पहली
बार कोई
नया फल
देने पर
बच्चे की
प्रतिक्रिया पर ध्यान दें।
आलूबुखारा और प्रून्स भी हो
सकते हैं
विकल्प
Prunes यानी
सूखे आलूबुखारे में फाइबर के साथ
sorbitol भी पाया जाता है। कुछ
चिकित्सा मार्गदर्शिकाओं
में prunes और prune products को कब्ज में
मददगार खाद्य
विकल्पों में
शामिल किया
गया है।
(Cambridge University
Hospitals)
लेकिन छोटे
बच्चों को
सूखे फल
देते समय
उनकी उम्र
और खाने
की क्षमता
का ध्यान
रखना जरूरी
है। छोटे
बच्चों में
पूरे सूखे
फल choking का जोखिम पैदा कर
सकते हैं,
इसलिए उन्हें
उचित तरीके
से तैयार
करके देना
चाहिए।
सेब और
दूसरे फलों
को भी
डाइट में
शामिल करें
कब्ज से
बचने के
लिए सिर्फ
एक या
दो फलों
पर निर्भर
रहने की
जरूरत नहीं
है। सेब,
नाशपाती, कीवी,
आलूबुखारा और अन्य फल बच्चे
की संतुलित
डाइट का
हिस्सा हो
सकते हैं।
फल और
सब्जियां फाइबर
के अच्छे
स्रोत हैं।
(NIDDK)
जहां उम्र
और बच्चे
की खाने
की क्षमता
अनुमति दे,
वहां फल
को उसके
उचित रूप
में देना
उपयोगी हो
सकता है।
छोटे बच्चों
के लिए
फल को
अच्छी तरह
धोकर, छीलकर
या नरम
करके और
छोटे उपयुक्त
टुकड़ों में
देना चाहिए।
सिर्फ फल नहीं, पर्याप्त पानी
भी जरूरी
कब्ज से
बचने के
लिए पानी और
पर्याप्त तरल पदार्थ भी महत्वपूर्ण हैं।
फाइबर बढ़ाते
समय पर्याप्त
तरल पदार्थ
देना जरूरी
है, ताकि
फाइबर अपना
काम बेहतर
तरीके से
कर सके।
(NIDDK)
बच्चे को
कितना पानी
या कुल
तरल पदार्थ
चाहिए, यह
उसकी उम्र,
आकार, स्वास्थ्य,
गतिविधि और
मौसम पर
निर्भर करता
है। इसलिए
सभी बच्चों
के लिए
एक ही
मात्रा तय
करना सही
नहीं है।
(HealthyChildren.org)
बच्चे को
दिनभर थोड़े-थोड़े अंतराल
पर पानी
देने की
आदत डालें,
खासकर गर्म
मौसम या
शारीरिक गतिविधि
के दौरान।
डाइट में
फाइबर कैसे
बढ़ाएं?
बच्चों के भोजन में धीरे-धीरे फाइबर
बढ़ाना बेहतर
होता है।
फाइबर के
अच्छे स्रोतों
में फल,
सब्जियां, दालें, बीन्स और साबुत
अनाज शामिल
हैं। (NIDDK)
बच्चे के
भोजन में
ये विकल्प
शामिल किए
जा सकते
हैं:
·
पपीता
·
नाशपाती
·
कीवी
·
सेब
·
आलूबुखारा
·
हरी सब्जियां
·
मटर और बीन्स
·
दालें
·
ओट्स
·
साबुत अनाज
·
ब्राउन राइस
·
साबुत गेहूं की
रोटी या
रोटी
फाइबर अचानक
बहुत ज्यादा
बढ़ाने के
बजाय धीरे-धीरे बढ़ाना
बेहतर है,
क्योंकि कुछ
बच्चों में
अचानक ज्यादा
फाइबर से
गैस या
पेट फूलने
जैसी परेशानी
हो सकती
है। (Cambridge
University Hospitals)
बच्चों को पॉटी रोकने से
रोकें
कई बच्चे
खेलते समय,
स्कूल में
या पॉटी
ट्रेनिंग के
दौरान मलत्याग
को रोकते
रहते हैं।
दर्दनाक पॉटी
के बाद
बच्चा अगली
बार भी
पॉटी रोक
सकता है,
जिससे मल
और सख्त
हो सकता
है और
समस्या बढ़
सकती है।
(NIDDK)
माता-पिता
को बच्चे
को डांटने
या शर्मिंदा
करने के
बजाय शांत
तरीके से
नियमित toilet routine बनाने में
मदद करनी
चाहिए।
अगर बच्चा
toilet trained है, तो उसे
आराम से
बैठने का
समय दें
और जरूरत
पड़ने पर
पैरों के
नीचे छोटा
footstool रखने से toilet posture बेहतर हो सकता
है। (HealthyChildren.org)
बच्चों को रोजाना एक्टिव रखें
बच्चों के लिए नियमित शारीरिक
गतिविधि overall health के लिए
जरूरी है।
खेलना, चलना
और उम्र
के अनुसार
सक्रिय रहना
स्वस्थ lifestyle का हिस्सा
है।
कब्ज की
स्थिति में
केवल exercise पर निर्भर रहने के
बजाय इसे
पर्याप्त फाइबर,
तरल पदार्थ
और नियमित
toilet habits के साथ देखा
जाना चाहिए।
कब्ज में
किन चीजों
को सीमित
करें?
अगर बच्चा
बहुत ज्यादा
ऐसे processed या low-fiber foods खाता है जिनमें
फाइबर बहुत
कम होता
है, तो
उसकी डाइट
का संतुलन
बिगड़ सकता
है। NIDDK बच्चों में कब्ज के
दौरान chips, fast food और कुछ
processed foods जैसे कम-fाइबर
विकल्पों को
सीमित करने
की सलाह
देता है।
(NIDDK)
इसका मतलब
यह नहीं
कि बच्चे
को हर
पसंदीदा food पूरी तरह बंद कर
देना चाहिए।
लक्ष्य संतुलित
डाइट बनाना
होना चाहिए,
जिसमें फल,
सब्जियां, दालें और साबुत अनाज
नियमित रूप
से शामिल
हों।
माता-पिता
इन बातों
का रखें
ध्यान
बच्चे को
कब्ज से
बचाने के
लिए रोजमर्रा
की कुछ
छोटी आदतें
मददगार हो
सकती हैं:
1. बच्चे की
डाइट में
फल और
सब्जियां शामिल
करें।
2. उम्र के
अनुसार फाइबरयुक्त
खाद्य पदार्थ
दें।
3. पूरे दिन
पर्याप्त तरल
पदार्थ देने
पर ध्यान
दें।
4. बच्चे को
पॉटी रोकने
की आदत
न डालने
दें।
5. toilet
training के दौरान बच्चे पर अनावश्यक
दबाव न
डालें।
6. बच्चे को
उम्र के
अनुसार शारीरिक
गतिविधि के
लिए प्रोत्साहित
करें।
7. कब्ज बार-बार होने
पर खुद
से laxative या कोई दवा न
दें।
8. समस्या बनी
रहने पर
बाल रोग
विशेषज्ञ से
सलाह लें।
कब डॉक्टर
से संपर्क
करना जरूरी
है?
हर कब्ज
को केवल
फल या
घरेलू उपायों
से ठीक
करने की
कोशिश नहीं
करनी चाहिए।
अगर बच्चे
की कब्ज
लंबे समय
तक बनी
रहती है
या घरेलू
बदलावों से
सुधार नहीं
होता, तो
डॉक्टर से
सलाह लेना
जरूरी है।
NIDDK के अनुसार,
अगर लक्षण
दो सप्ताह
से अधिक
समय तक
बने रहें
या घरेलू
उपायों से
ठीक न
हों, तो
बच्चे के
डॉक्टर से
संपर्क करना
चाहिए। (NIDDK)
अगर कब्ज
के साथ
मल में खून, लगातार
पेट दर्द, पेट फूलना, उल्टी
या वजन कम होना
जैसे लक्षण
दिखाई दें,
तो चिकित्सकीय
सलाह जल्द
लेना जरूरी
है। (NIDDK)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
(FAQs)
बच्चों में कब्ज के लिए
कौन सा
फल सबसे
अच्छा है?
किसी एक
फल को
हर बच्चे
के लिए
सबसे अच्छा
नहीं कहा
जा सकता।
पपीता, नाशपाती,
कीवी, सेब
और आलूबुखारा
जैसे फल
फाइबर प्रदान
करते हैं
और संतुलित
डाइट का
हिस्सा हो
सकते हैं।
नाशपाती और
prunes जैसे कुछ फलों में sorbitol भी
होता है,
जो कब्ज
में मदद
कर सकता
है। (Cambridge University
Hospitals)
क्या पपीता
बच्चों की
कब्ज दूर
करता है?
पपीता फाइबरयुक्त
फल है
और बच्चे
की संतुलित
डाइट में
शामिल किया
जा सकता
है। लेकिन
इसे कब्ज
का निश्चित
इलाज नहीं
माना जाना
चाहिए। लगातार
कब्ज रहने
पर डॉक्टर
से सलाह
लेना जरूरी
है।
क्या नाशपाती
कब्ज में
मदद करती
है?
नाशपाती में फाइबर और प्राकृतिक
sorbitol पाया जाता है। कुछ चिकित्सा
स्रोत इसे
कब्ज में
मददगार फल
के रूप
में बताते
हैं। (Cambridge University
Hospitals)
क्या बच्चों
को कब्ज
में पानी
देना चाहिए?
पर्याप्त तरल पदार्थ बच्चे को
hydrated रखने में मदद करता है
और फाइबर
के साथ
मिलकर मल
को नरम
रखने में
सहायक हो
सकता है।
बच्चे की
उम्र और
जरूरत के
अनुसार तरल
पदार्थ की
मात्रा तय
करनी चाहिए।
(NIDDK)
क्या कब्ज
में बच्चों
को फल
का जूस
देना चाहिए?
पूरे फल
आम तौर
पर फाइबर
के बेहतर
स्रोत होते
हैं। कुछ
चिकित्सा मार्गदर्शिकाएं
विशेष परिस्थितियों
में pear या
prune juice जैसे विकल्पों का
उल्लेख करती
हैं, लेकिन
छोटे बच्चों
में जूस
की मात्रा
और जरूरत
उम्र के
अनुसार अलग
हो सकती
है। इसलिए
नियमित रूप
से जूस
देने से
पहले pediatrician से सलाह
लेना बेहतर
है। (nhs.uk)
बच्चे को बार-बार कब्ज
होती है
तो क्या
करें?
बार-बार
कब्ज होने
पर केवल
खानपान बदलते
रहने के
बजाय बाल
रोग विशेषज्ञ
से कारण
की जांच
और उचित
उपचार की
सलाह लेना
बेहतर है।
कुछ बच्चों
में लंबे
समय तक
constipation के लिए medical treatment की
जरूरत पड़
सकती है।
(HealthyChildren.org)
निष्कर्ष
बच्चों में कब्ज एक आम
समस्या हो
सकती है,
लेकिन इसे
नजरअंदाज नहीं
करना चाहिए।
फाइबर से भरपूर फल,
सब्जियां, दालें और साबुत अनाज,
पर्याप्त तरल
पदार्थ और
नियमित toilet habits बच्चे के
पाचन स्वास्थ्य
के लिए
महत्वपूर्ण हैं। (NIDDK)
पपीता, नाशपाती, कीवी और आलूबुखारा
जैसे फल
बच्चे की
उम्र और
खाने की
क्षमता के
अनुसार डाइट
में शामिल
किए जा
सकते हैं।
लेकिन अगर
कब्ज लगातार
बनी रहती
है, बच्चे
को दर्द
होता है
या अन्य
चिंताजनक लक्षण
दिखाई देते
हैं, तो
घरेलू उपायों
पर निर्भर
रहने के
बजाय बाल रोग
विशेषज्ञ की सलाह लेना
सबसे जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख
सामान्य स्वास्थ्य
जानकारी के
उद्देश्य से
है। यह
डॉक्टर की
जांच, निदान
या उपचार
का विकल्प
नहीं है।
छोटे बच्चों,
शिशुओं या
लंबे समय
से कब्ज
की समस्या
वाले बच्चों
के लिए
कोई भी
विशेष डाइट,
जूस, supplement या दवा शुरू करने
से पहले
बाल रोग
विशेषज्ञ से
सलाह लें।



Thankyou